डी के बसु का निर्णय, जिसे हाल ही में समाचारों में देखा गया है, किससे संबंधित है?
पुलिस हिरासत में व्यक्तियों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा करें।
2024 January
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भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में डी.के. पर जोर दिया। पुलिस दुर्व्यवहार और हिरासत में हिंसा के खिलाफ बसु जजमेंट (1996)। ऐतिहासिक मामला, डी.के. बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य, पुलिस हिरासत में मौतों को संबोधित किया। याचिकाकर्ता डी.के. बसु ने इस मुद्दे पर प्रकाश डाला, जिससे यह फैसला आया कि हिरासत में हिंसा कानून के शासन और मानवीय गरिमा का उल्लंघन करती है। फैसले ने मौलिक अधिकारों के दायरे का विस्तार किया, उनके उल्लंघन के लिए मुआवजे की अनुमति दी। यह मामला भारतीय मानवाधिकार न्यायशास्त्र में महत्वपूर्ण है।