भारतीय संविधान की प्रस्तावना का हिस्सा होने के नाते सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में किन शर्तों को बरकरार रखा था?
सेक्युलर, सोशलिस्ट
2024 November
|
|
4/5 |
सुप्रीम कोर्ट ने 42वें संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसने 1976 में आपातकाल के दौरान प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवादी’ शब्द जोड़े थे। न्यायालय ने कहा कि इन शब्दों को व्यापक स्वीकृति मिली है और स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 368 के तहत संसद की शक्ति प्रस्तावना सहित संशोधनों की अनुमति देती है। फैसले में इस बात पर जोर दिया गया कि संविधान एक जीवंत दस्तावेज है, जो भारतीय समाज में इन अवधारणाओं की विकसित होती व्याख्या को दर्शाता है।